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आधुनिक काव्य

प्रयोगवाद क्या है व प्रयोगवाद की विशेषताएं

प्रयोगवाद 'प्रयोगवाद' नाम उन कविताओं के लिए है जो कुछ नये बोधों, संवेदनाओं तथा उन्हें प्रेषित करनेवाले शिल्पगत चमत्कारों को लेकर शुरू-शुरू में 'तार सप्तक' के माध्यम से वर्ष 1943 ई० में प्रकाशन जगत में आई .बाद में प्रगतिशील कविताओं का…

लीलाधर जगूड़ी का साहित्यिक परिचय

लीलाधर जगूड़ी साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत हिन्दी कवि है जिनके कृति अनुभव के आकाश में चांद  को १९९७ मे पुरस्कार प्राप्त हुआ। लीलाधर जगूड़ी का साहित्यिक परिचय जन्म :- 1 जुलाई 1944, जन्म स्थान:- धंगड़, टिहरी (उत्तराखंड) भाषा :-…

हिंदी साहित्य में नयी कविता का युग

(HINDI SAHITYA ME NAYI KAVITA KA YUG) 'दूसरे सप्तक' के प्रकाशन वर्ष 1951ई० से 'नयी कविता' का प्रारंभ माना जाता है। 'नयी कविता' उन कविताओं को कहा जाता है, जिनमें परम्परागत कविता से आगे नये भाव बोधों की अभिव्यक्ति के साथ ही नये…

हिंदी साहित्य का प्रयोगवाद(HINDI SAHITYA KA PRAYOGVAD)

प्रयोगवाद (1943 ई० से......) 'प्रयोगवाद' 'तार सप्तक' के माध्यम से वर्ष 1943 ई० में प्रकाशन जगत में आई और जो प्रगतिशील कविताओं के साथ विकसित होती गयी तथा जिनका पर्यावसान 'नयी कविता' में हो गया। कविताओं को सबसे पहले नंद दुलारे…

हिंदी साहित्य का प्रगतिवादी युग(HINDI SAHITYA KA PRAGATIVADI YUG)

छायावादोत्तर युग (1936 ई० के बाद) छायावादोत्तर युग में हिन्दी काव्यधारा बहुमुखी हो जाती है- पुरानी काव्यधारा राष्ट्रीय-सांस्कृतिक काव्यधारा सियाराम शरण गुप्त, माखन लाल चतुर्वेदी, दिनकर,…