संसाधन और विकास : नवीकरणीय संसाधन और अनवीकरणीय संसाधन में अंतर 

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नवीकरणीय संसाधन और अनवीकरणीय संसाधन में अंतर 

नवीकरणीय संसाधन 

नवीकरणीय संसाधन  वे संसाधन हैं जिनके भण्डार में प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा पुनर्स्थापन होता रहता है। हालाँकि मानव द्वारा ऐसे संसाधनों का दोहन (उपयोग) अगर उनके पुनर्स्थापन की दर से अधिक तेजी से हो तो फिर ये नवीकरणीय संसाधन नहीं रह जाते और इनका क्षय होने लगता है।

उपरोक्त परिभाषा के अनुसार ऐसे संसाधनों में ज्यादातर जैव संसाधन आते है जिनमें जैविक प्रक्रमों द्वारा पुनर्स्थापन होता रहता है। उदाहरण के लिये एक वन क्षेत्र से वनोपजों का मानव उपयोग वन को एक नवीकरणीय संसाधन बनाता है किन्तु यदि उन वनोपजों का इतनी तेजी से दोहन हो कि उनके पुनर्स्थापन की दर से अधिक हो जाए तो वन का क्षय होने लगेगा।

नवीकरणीय संसाधन के उदाहरण

सामान्यतया नवीकरणीय संसाधनों में नवीकरणीय उर्जा संसाधन भी शामिल किये जाते हैं जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा इत्यादि। किन्तु सही अर्थों में ये ऊर्जा संसाधन अक्षय ऊर्जा संसाधन हैं न कि नवीकरणीय। 

अनवीकरणीय संसाधन

अनवीकरणीय संसाधन वे संसाधन होते हैं जिनके भण्डार में प्राकृतिक प्रक्रियाओ द्वारा पुनर्स्थापन नहीं होता रहता है। यह संसाधन मानवीय क्रियाओ द्वारा समाप्त हो जाती है तथा पुनः निर्माण होने में करोडो वर्ष की अवधि लेते हैं।

अनवीकरणीय संसाधन के उदाहरण

इसका उदहारण है -कोयला ,पेट्रोलियम आदि.

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